Saturday, 26 March 2022

ख्वाब

 


  •  【१】
  • आज अमरत पीला दो ऐ मेरे सनम।
  • इंतजार कर रहा, बीते  कई जनम।
  • जहर पी मुकम्मिल रे पचा डाला, 
  • अस्क देख दिल न डोलता सनम।।
  • 【२】
  •  

  • ख़्वाबों में नहीं ख़्वाजा की दरगाह चल।
  • है सामने तो हाथ रहा है मल।
  • पनाह आगोश की ले, दीवार कहाँ,
  • लम्हा लम्हा गुजारा - बहाना आज नहीं कल।।

  •  

  • के० के०
  •              डॉ. कवि कुमार निर्मल 


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