【१】- आज अमरत पीला दो ऐ मेरे सनम।
- इंतजार कर रहा, बीते कई जनम।
- जहर पी मुकम्मिल रे पचा डाला,
- अस्क देख दिल न डोलता सनम।।
- 【२】
- ख़्वाबों में नहीं ख़्वाजा की दरगाह चल।
- है सामने तो हाथ रहा है मल।
- पनाह आगोश की ले, दीवार कहाँ,
- लम्हा लम्हा गुजारा - बहाना आज नहीं कल।।
- के० के०
डॉ. कवि कुमार निर्मल
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